NRM NEWS /पटना
राज्य सरकार ने पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिहार की 1069 ग्राम पंचायतों में अब पंचायत सरकार भवन का निर्माण सीधे ग्राम पंचायतों द्वारा यानी स्वयं मुखिया की देखरेख में कराया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत इन भवनों के निर्माण पर ₹24 अरब 81 करोड़ 90 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई है। खास बात यह है कि इन भवनों में सुधा होल्डे मिल्क पार्लर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पूरी योजना पर कुल ₹25 अरब 6 करोड़ 43 लाख 94 हजार 588 रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य नौ माह के भीतर पूरा कर लिया जाए। निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए तकनीकी स्वीकृति की राशि का 5% ग्राम पंचायतों को मोबिलाइजेशन एडवांस के रूप में दिया जाएगा। इसका भुगतान आने वाले पांच तिमाहियों में समान किस्तों में किया जाएगा।
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी इन समितियों के अध्यक्ष होंगे। साथ ही समिति में उप-विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), कार्यपालक अभियंता और जिला पंचायत राज पदाधिकारी सदस्य होंगे।
राज्य सरकार की मंशा है कि बिहार के सभी 8053 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन की उपलब्धता हो। फिलहाल 2000 पंचायतों में स्थानीय क्षेत्रीय अभियंत्रण संगठन और 2615 पंचायतों में भवन निर्माण विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य हो रहा है।
यह योजना राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाएगी, बल्कि सुधा मिल्क पार्लर जैसी सुविधाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेंगी।
