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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने जोर पकड़ लिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को बड़ी राहत देते हुए नियमों में ढील दी है, जिसके तहत अब मतदाता बिना दस्तावेज या फोटो के भी गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरकर जमा कर सकते हैं। इस कदम से उन मतदाताओं को विशेष सुविधा मिलेगी, जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे में लगभग 4.96 करोड़ मतदाताओं को केवल गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को जमा करना होगा। नए मतदाताओं के लिए, जिनके माता-पिता का नाम 2003 की सूची में है, वे भी माता-पिता के विवरण के आधार पर बिना अतिरिक्त दस्तावेज के फॉर्म जमा कर सकते हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध
मतदाता गणना प्रपत्र को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रपत्र जमा करने के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ECINet ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं, और मतदाता इन्हें भरकर बीएलओ को ही जमा कर सकते हैं। आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि 26 जुलाई 2025 तक सभी फॉर्म जमा हो जाएं, ताकि 1 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जा सके।
विवादों के बीच राहत की पहल
हालांकि, इस अभियान को लेकर कुछ विवाद भी सामने आए हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने इसे संवैधानिक नियमों का उल्लंघन बताया है। फिर भी, आयोग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता वोटर लिस्ट से वंचित न रहे।
सहायता केंद्र और जागरूकता अभियान
बिहार के विभिन्न जिलों में मतदाता सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता फॉर्म जमा करने और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकते हैं। टोल-फ्री नंबर 1950 और जिला नियंत्रण कक्षों के नंबर (जैसे 06344-223025, 223026) पर भी सहायता उपलब्ध है। साथ ही, जागरूकता के लिए साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
चुनाव आयोग का यह अभियान बिहार में 7.38 करोड़ मतदाताओं को कवर करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें से 94% को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। यह कदम न केवल मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद करेगा, बल्कि नए और युवा मतदाताओं को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने का मौका देगा।
यदि आप भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, तो आज ही गणना प्रपत्र भरें और बीएलओ या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करें। कोई योग्य मतदाता छूटे ना, यही इस अभियान का उद्देश्य है।
नोट: अधिक जानकारी के लिए https://voters.eci.gov.in पर जाएं या अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क करें।
