बाबा साहब आंबेडकर अपमान मामले में फंसे लालू प्रसाद यादव, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने बिहार सरकार से रिपोर्ट तलब की

पटना, 19 जून 2025

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर दिए गए उनके कथित आपत्तिजनक बयान पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने गंभीर रुख अपनाते हुए बिहार सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।

आयोग ने कहा है कि यह मामला दलित समुदाय की भावनाओं से जुड़ा है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

📰 क्या है पूरा मामला?

हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान लालू प्रसाद यादव द्वारा दिए गए एक कथित बयान को लेकर देशभर में बवाल मच गया। आरोप है कि उन्होंने बाबा साहब आंबेडकर की विचारधारा और उनकी भूमिका को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे दलित समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #आंबेडकर_का_अपमान_नहीं_सहेंगे जैसे ट्रेंड चलने लगे और दलित संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई जगहों पर RJD नेताओं के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी भी की।

🏛️ आयोग का कड़ा रुख

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि:

बाबा साहब आंबेडकर भारत के संविधान निर्माता हैं। उनके सम्मान में किसी भी प्रकार की चूक संविधान का अपमान है। अगर किसी नेता द्वारा जानबूझ कर अपमान किया गया है तो यह एक संगीन अपराध है।

आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूछा है कि इस पूरे मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई, और सरकार की अगली रणनीति क्या है। यदि समय सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं आती है, तो आयोग प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने की बात भी कह चुका है।

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर राजनीतिक हलकों में भी गर्माहट बढ़ गई है।भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने RJD पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि:

जिस पार्टी ने हमेशा जातीय समीकरण को अपनी राजनीति का आधार बनाया है, वही आज बाबा साहब जैसे महापुरुष का अपमान कर रही है।” – संबित पात्रा, बीजेपी प्रवक्ता

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस बयान से किनारा करते हुए कहा कि बाबा साहब का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

🧭 RJD की सफाई

RJD ने बचाव में कहा है कि लालू प्रसाद यादव के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और वह स्वयं आंबेडकरवादी विचारधारा के अनुयायी हैं।

RJD प्रवक्ता ने मीडिया को बताया:

लालू जी का मकसद किसी का अपमान करना नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक न्याय की महत्ता पर बात की थी। लेकिन कुछ लोगों ने बयान को गलत संदर्भ में फैलाया।

🔎 दलित संगठनों की चेतावनी

भीम आर्मी, समता दल, दलित युवा मोर्चा जैसे संगठनों ने लालू यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द माफी नहीं मांगी गई तो बिहार सहित देशभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।

📢 आगे क्या?

अब सबकी निगाहें बिहार सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो तय करेगी कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। अगर सरकार की ओर से रिपोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आयोग सीधे लालू यादव को तलब भी कर सकता है।

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